बंगाल में 'कुर्सी' पर संग्राम: ममता का इस्तीफा देने से इनकार, जेठमलानी ने बताया 'लोकतंत्र के खिलाफ'

बंगाल में 'कुर्सी' पर संग्राम: ममता का इस्तीफा देने से इनकार, जेठमलानी ने बताया 'लोकतंत्र के खिलाफ'

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Battle for the 'chair' in Bengal: Mamata refuses to resign

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने को लेकर ममता बनर्जी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने उनके इस फैसले को 'माफ न करने योग्य' और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया है।

एक इंटरव्यू में महेश जेठमलानी ने कहा कि जैसे ही चुनाव परिणाम चुनाव आयोग द्वारा प्रमाणित हो जाते हैं, उसके बाद मुख्यमंत्री अपने पद पर बने नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को खुद इस्तीफा देना चाहिए था।

महेश जेठमलानी ने कहा कि लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो राज्यपाल को उन्हें पद से हटा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ममता बनर्जी पद पर बनी रहती हैं, तो राज्यपाल पुलिस की मदद से उन्हें हटाने की कार्रवाई भी कर सकते हैं।


ममता का इनकार, लगाया सीट छिनने का आरोप

ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि उन्होंने चुनाव नहीं हारा है और इसलिए वह इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की करीब 100 सीटें 'छीन ली गईं' हैं।

उन्होंने चुनाव परिणामों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। वहीं महेश जेठमलानी ने कहा कि अगर उनके पास सबूत हैं तो उन्हें अदालत जाना चाहिए।


अन्य नेताओं ने भी उठाए सवाल

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी कहा कि अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं तो उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश किसी एक व्यक्ति की मर्जी से नहीं चलता। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा को जनादेश दिया है और ममता बनर्जी को इसे स्वीकार करना चाहिए।